
नई दिल्ली।भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौतेके तहत न्यूजीलैंड से आयात होने वाले सेब पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने के केंद्र सरकार के फैसले पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस निर्णय को हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादक बागवानों के हितों के विरुद्ध बताया है।
बागवानों को होगी नुकसान
हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री ने बताया की केंद्र सरकार की इस फैसले से हिमाचल के बागवानों के लिए गंभीर संकट पैदा हो सकता है। सस्ते आयातित सेब के कारण स्थानीय बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। जगत नेगी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही बागवान प्रतिनिधियों और बागवानी विशेषज्ञों की एक अहम बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।
बागवानों को पट्टे मिलने में देरी
इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में बागवानों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे मिलने में हो रही देरी पर भी जगत सिंह नेगी ने चिंता जताई है। उन्होंने स्वीकार किया कि या तो लोग प्रक्रिया को ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं या फिर अधिकारी अपने स्तर पर सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। सरकार इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। मंत्री ने जानकारी दी कि किन्नौर जिले में अब तक करीब एक हजार लोगों को पट्टे दिए जा चुके हैं।