नई दिल्ली। ठंड के मौसम के कारण गेंदा की खेती करने वाले किसान परेशान नजर आ रहे है। गेंदे की खेती करने वाले किसानों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर के उद्यानिकी विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार साहू ने किसानों को सलाह दी है कि इस समय गेंदा फसल में कीट प्रकोप और पोषण प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकी गेंदा का बेहतर उत्पादन हो सके।
2 ग्राम प्रति लीटर के घोल बनाकर करें छिड़काव
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार ठंड के मौसम में गेंदे की फसल पर कुछ विशेष कीटों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर लीफ माइनर नामक कीट गेंदा की पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है। जिसके कारण गेंदा की पौधे खत्म हो जाती है। इस समस्या से बचाव के लिए उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इमामेक्टिन बेंजोएट दवा का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
अधिक पानी देना नुकसान
अधिक पानी देने से जड़ों को नुकसान सर्दी के मौसम में गेंदा की खेती में सप्ताह में एक बार पानी देना पर्याप्त होता है। अधिक पानी देने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। वहीं, जो किसान ड्रिप सिंचाई तकनीक से गेंदा की खेती कर रहे हैं, वे दो से तीन दिन के अंतराल पर 15 – 15 मिनट के लिए ड्रिप चला सकते हैं।