हिमाचल में नर्सरी से खेत तक नहीं पहुंचे लाखों पौधे, सेब प्लांट्स की रोपाई पर लगी ब्रेक

    17-Jan-2026
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकार की कई योजनाओं पर गहरा असर पड़ा है। प्रदेश के नर्सरी में तैयार होकर खेतों तक पहुंचने वाले लाखों पौधे अभी कागज़ों तक ही सिमट कर रह गए हैं। बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण बागवान नई पौधे की रोपाई नहीं कर रहे है। वहीं, बागवानी विभाग सूखे के कारण तैयारी नहीं कर रहा है। विभाग के पास ही करीब 6 लाख नए पौधों का स्टॉक मौजूद है, जो रिकॉर्ड पर दर्ज तो हैं, लेकिन इसमें से खेतों तक करीब 50 हजार पहुंच पाए हैं।

बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण बागवान परेशान

बागवान बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण परेशान है। हिमाचल में सर्दियों के मौसम में सेब सहित स्टोन फ्रूट के हर साल 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जाते हैं, जिन्हें बागवान नौणी विश्वविद्यालय सहित बागवानी विभाग और प्राइवेट नर्सरियों के माध्यम से खरीदते है।

50 हजार पौधे

बिके हिमाचल में उद्यान विभाग हर साल बागवानों को उच्च गुणवत्ता के लाखों पौधे उपलब्ध कराता है। इस साल भी विभाग के पास विभिन्न किस्मों के 6 लाख पौधे उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से प्रदेश भर में अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से जमीन से नमी गायब है। बिना सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में रोपाई न होने के कारण बागवानी विभाग के पास से विभिन्न किस्मों के करीब 50 हजार पौधे ही बिक पाए हैं।