बागवानी की नई तकनीक सीखेंगे शिमला के बागवान

    20-Jan-2026
Total Views |


नई दिल्ली।परंपरागत खेती के अलावा अब किसान बागवानी खेती में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर किसानों को बागवानी विभाग की ओर से हिमाचल के शिमला, कुफरी रिसर्च केंद्र व सोलन के नौनी यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण के लिए रवाना किया गया। सोमवार को अंबाला और कुरुक्षेत्र जिला के 10-10 किसानों को उद्यान प्रशिक्षण संस्थान करनाल के संयुक्त निदेशक डॉ. बिल्लू यादव ने झंडी दिखाकर रवाना किया। यह किसान मशरूम, आड़ू, आलू बुखारा और नाशपाती की नई तकनीक सीखेंगे। इस मौके पर संयुक्त निदेशक डॉ. बिल्लू यादव व जिला उद्यान अधिकारी सत्यनारायण ने किसानों से बातचीत भी की।

ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को बेहतर कमाई

अंबाला शहर के रणजीत नगर से किसान सुमेर चंद ने बताया कि वह ड्रैगन फ्रूट की खेती करते हैं। वह 15 वर्ष से सेवानिवृत्त होने के बाद से ही यह खेती कर रहे हैं। वह सभी को कहते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की खेती करनी चाहिए। उन्होंने अपने घर पर ही ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए हुए हैं। वह फ्रूट को बाजार में नहीं बेचते, बल्कि अपने रिश्तेदारों व दोस्तों को दे देते हैं। वह ड्रैगन फ्रूट की पौध तैयार करते हैं। वह प्रशिक्षण में जो भी सीखेंगे, उसे आकर अपनाएंगे। साथ ही ड्रैगन फ्रूट की खेती को और बढ़ाएंगे।

बागवान बागवानी में नए तरीके से कर रहे है कार्य

उद्यान प्रशिक्षण केंद्र करनाल के संयुक्त निदेशक डॉ. बिल्लू यादव ने कहा कि बागवानी खेती में उत्कृष्ट कार्य करने पर किसानों का चयन किया गया। किसानों को प्रशिक्षण भ्रमण में हिमाचल प्रदेश भेजा गया। यह किसान डाक्टर वाईएस परमार यूनिवर्सिटी नौनी सोलन और मशरूम रिसर्च केंद्र, सीपीआरआई शिमला व कुफरी का भी भ्रमण करेंगे।