
नई दिल्ली।अक्सर हम सोचते है कि बहुत ज्यादा ठंड से लोगों को परेशानी होती है। लेकिन क्या आप जानते है कि ठंड बागवानी करने वाले बागवानों के लिए वरदान से कम नहीं है। जनवरी का महीना आम और लीची की बागवानी करने वाले के लिए काफी अहम होता है। इस दौरान आम और लीची के पेड़ अपनी पत्तियों की बढ़त को रोककर फूल देने वाली अवस्था में कदम रखते हैं।
बेहतर उत्पादन के लिए ठंड जरुरी
बिहार के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, पूसा के प्लांट पैथालोजी विभाग के एचओडी डॉ एस. के. सिंह के अनुसार, अगर इस समय तापमान 8 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, तो पेड़ों के अंदर 'फ्लोरल इंडक्शन' यानी फूल बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यह ठंड संकेत देती है कि अब नई पत्तियां निकालने का समय खत्म हो गया है और अब मंजर यानी बौर देने का समय आ गया है। इसलिए अगर जनवरी में अच्छी ठंड पड़ती है, तो फरवरी और मार्च में बागों में मंजरों की भरमार होता है।
ठंड से बढ़ती है लीची की मिठास
बिहार की लीची पूरी दुनिया के लिए मशहूर है। जिसके पीछे जनवरी की ठंड है। लीची एक ऐसी फलस है जिसे पुष्पन के लिए चिंलिंग पीरीयड यानी खास समय तक ठंड की जरूरत है। बिना पर्याप्त ठंड के लीची के पेड़ों में फूलों का विभेदन संभव नहीं है।