
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में एवोकाडो फल की बागवानी लगाई जाएगी। अब एवोकाडो को शिमला जिले के बागवान भी लगाएंगे। यह फल सेब और स्टोन फ्रूट से कई गुना महगा है। पोषक तत्वों से भरा और ज्यादा शेल्फ लाइफ वाले इस फल का पहला बगीचा सुन्नी में लगाया जा रहा है। जिले के अन्य बागवान भी इसकी बागवानी की बारीकियां सीख सकेंगे।
एवोकाडो बगीचा विकसित कर रहा है एवोकाडो
बता दें कि उद्यान विभाग यह एवोकाडो बगीचा विकसित कर रहा है। पहले चरण में सुन्नी क्षेत्र में आधा हेक्टेयर भूमि पर ट्रायल के तौर पर 500 पौधे लगाए जाएंगे। ट्रायल सफल होने के बाद बागवानों को एवोकाडो की बागवानी के लिए पौधे वितरित किए जाएंगे।
बागवानी का होगा विस्तार
एवोकाडो के पौधा लगाने के बाद तीन से चार साल बाद फल आना शुरू हो जाते हैं। यह फल गर्म क्षेत्रों में होते हैं जिसके चलते जिले में इसके तापमान के हिसाब से सुन्नी क्षेत्र को चयनित किया है। इसके पौधे लगाने से जिले में बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ेगा।
एक फल की कीमत 200 रुपये
एक फल की कीमत 200 रुपये तक एवोकाडो का फल बाजार में अन्य फलों की तुलना में सबसे महंगा बिकता है। एक फल का दाम 150 से 200 रुपये तक है। एक किलो एवोकाडो 500 से 700 रुपये तक बिकता है। बावजूद इसके बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है।