वसंत में खिल उठेगा आपका बगीचा, करें यह बेहद आसान उपाए

    23-Jan-2026
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नई दिल्ली।सर्दी के बाद आज वसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत हो चुकी है। दो महीनों से कपकपाती ठंड में पेड़ पौधे सुख और मुरझा गए थे। माना जाता है की वसंत ऋतु आने के बाद पेड़ पौधों के लिए नया जन्म मिलता है। बसंत ऋतु से शुरु होकर बसंत ऋतु मार्च तक चलता है। इस समय ठंड खत्म हो जाती है और तापमान बढ़ने लगता है। इस समय हवा में ताजगी और  फूलों की मीठी खुशबू घुल जाती है। प्रकृति सुंदर रूप लेने लगती है। चारों तरफ रंग-बिरंगे फूल खिले होते हैं और तितलियाँ मंडराती दिखाई देती हैं। यह समय फसलों की बुआई और पौधों की रोपाई के लिए भी उत्तम होता है।

मिट्टी जांच महत्वपूर्ण है

वसंत ऋतु आने के बाद अपने गार्डन में लगे पौधे और गमले की मिट्टी की जांच काफी अहम है। जिससे इस बात की जानकारी मिलेगी की पौधे के लिए आवश्यक पोषक तत्व है की नहीं।

पौधों की कटाई- छंटाई काफी अहम है

ठंड के कारण सूख चुके पौधे की शखाओं को हटा दें। फूलों के पौधे की हल्की छटाई करना बहुत जरुरी होता है। फूलों वाले पौधों की हल्की छंटाई करें ताकि नए फूल खिल सकें। इससे नए फुल-फल आने में आसानी हो जाती है।

नया फूल और पौधे लगाएं

वसंत ऋतु पौधे लगाने के लिए काफी अहम होता है। अगर आप अपने गार्डन में पेड-पौधे लगाना चाहते है तो आपके लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। अपनी मिट्टी के अनुसार पौधे चुनें।

पानी का रखे ध्यान

वसंत ऋतु में पौधे में पानी की ध्यान रखना बेहद अहम होता है।खासकर जब मौसम गर्म हो। साथ ही पौधों को नियमित रूप से खाद दें ताकि वे स्वस्थ रहें।