नई दिल्ली।हाल ही में भारत सरकार ने मुरादाबाद के बिलारी तहसील के रहने वाले प्रगतिशील किसान दिवंगत रघुपत सिंह को खेती में अभूतपूर्व योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया। यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनके द्वारा पारंपरिक खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक नजरिया देकर हजारों किसानों का जीवन बदलने के लिए दिया गया।
मरणोपरान्त मिला पद्म श्री
साल 2021 में कोरोना काल के दौरान उनका निधन हो गया, लेकिन आज उनकी विरासत को उनके बेटे सुरेंद्र पाल सिंह बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं। रघुपत सिंह ने 1980 के दशक से ही खेती को एक नई दिशा देना शुरू कर दिया था।
55 से अधिक सब्जियों की किस्मों को जीवित किया
रघुपत सिंह ने सब्जियों और बीजों को बचाना था, जो आधुनिकता की दौड़ में हमारी थाली से गायब हो चुके थे। उन्होंने लगभग 55 से अधिक ऐसी सब्जियों की किस्मों को फिर से जीवित किया, जिन्हें लोग भूल चुके थे। उन्होंने पुरानी और पौष्टिक फसलों को लुप्त होने से बचा लिया। आज उनके द्वारा संरक्षित किए गए ये बीज नई पीढ़ी के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।