शिमला।हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर में मौसम अनुकूल न होने के कारण अब बागवान निचले क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट के बगीचे तैयार कर रहे हैं। चार-पांच साल से बागवानों का बादाम, प्लम की विभिन्न किस्मों सहित अन्य गुठलीदार फलों की ओर रुझान बढ़ा है। सेब की अपेक्षा कम खर्च कर गुठलीदार फलों के बगीचों को तैयार करने में बागवान जुटे हुए हैं।
इन क्षेत्रों में लग रहा है बागवानी
रामपुर के कोटगढ़ के निचले क्षेत्रों भद्राश, नीरसू, दत्तनगर, तलाई, राजपुरा, खनोटू, खखरोला, कलना, रचोली, खनेरी और रतनपुर में बागवान प्लम की विभिन्न किस्मों के बगीचे तैयार करने में जुटे हुए हैं। बागवान कई अलग-अलग किस्मो जैसे अर्ली क्वीन, मेरीपोजा, ब्लैक एंबर और ब्लैक स्प्लेंडर सहित कई अन्य किस्म के पौधे लगा रहे हैं।
गुठलीदार फलों की बागवानी कम खर्चा में तैयार
आपको बता दें कि सेब की अपेक्षा गुठलीदार फलों की बागवानी तैयार करने में खर्च भी कम होता है। वहीं निचले क्षेत्रों में सेब के लिए मौसम अनुकूल न होने के कारण भी बागवानों की रुचि अब गुठलीदार फलों की ओर बढ़ी है। निचले कई क्षेत्रों में सेब के पौधे हटाकर बागवानों ने प्लम के पौधे रोपकर बागवानी तैयार कर लिए हैं।