
नई दिल्ली।जनवरी के महीने में कोहरे पड़ने के कारण सूर्य की रोशनी कम समय के लिए मिलती है। गुड़हल को जीवित रहने के लिए कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है। यदि आपका पौधा छाया में है, तो उसे तुरंत धूप वाले स्थान पर शिफ्ट करें। पर्याप्त रोशनी मिलने से पौधे में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया बनी रहती है और पत्ते नहीं झड़ते।
पानी का रखे ध्यान
आपको बता दें कि सर्दियों के दिनों में मिट्टी की नमी जल्दी नहीं सूखती है। जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें गलने लगती हैं, जिससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं।हमेशा उंगली से मिट्टी की जांच करें, जब ऊपर की एक इंच मिट्टी सूखी लगे, तभी हल्का पानी दें।
पाला गुड़हल के पत्तों को जला देता है
रात के समय ओस गिरने के कारण पाला गुड़हल के पत्तों को जला देते हैं। रात के वक्त अपने गमलों को किसी शेड के नीचे रखें या उन्हें पॉलीथिन या पुराने सूती कपड़े से ढक दें। इससे पौधे के आसपास का तापमान स्थिर रहता है और वह कड़ाके की ठंड से सुरक्षित बचा रहता है।
जनवरी में केमिकल खाद देने से बचें
जनवरी में गुड़हल में केमिकल खाद देने से बचें। मिट्टी में एक मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद डालें। जड़ों को मजबूती देने के लिए महीने में एक बार एक चम्मच एप्सम साल्ट को पानी में घोलकर जड़ों में देना बेहद फायदेमंद साबित होता है।