
नई दिल्ली।करीब तीन महीने से चल रहे सुखे के कारण हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों की नींद उड़ गई है। सूखे जैसे हालात के कारण प्रदेश में करीब पांच हजार करोड़ के सेब कारोबार पर संकट मंडराने लगा है। दिसंबर और जनवरी के प्रथम सप्ताह में रामपुर बुशहर इलाके में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से बगीचे सूखने लगे है। बागवानों इस बात से चिंतित है की चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होने के कारण सेब उत्पादन आगामी सीजन में गिर सकता है।
चिलिंग ऑवर्स नहीं होने से फ्लावरिंग प्रभावित
बागवानी के विशेषज्ञों के अनुसार सेब के पेड़ों के लिए 7 डिग्री सेल्सियय से कम तापमान में 800 से 1600 घंटे चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। सूखे के कारण इस सीजन में यदि चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हुए तो फ्लावरिंग प्रभावित हो सकती है। फ्लावरिंग सही तरीके से नहीं हो पाएगी और फलों की सेटिंग नहीं होगी।
कैंकर रोग का खतरा
बारिश और बर्फबारी न होने के कारण कैंकर रोग और वूली एफिड का प्रकोप बढ़ सकता है। जिसे लेकर बागवान परेशान नजर आ रहे है। आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश और बर्फबारी नहीं हुई तो बागवानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।