
नई दिल्ली।उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की बागवानी में तैयार रसीला संतरा पिथौरागढ़ जिले में अपनी मिठास घोल रहा है। इस संतरे की मांग अधिक होने के कारण महरगाड़ के काश्तकारों ने पिथौरागढ़ जिले के नाचनी बाजार में 12 लाख रुपये के संतरे बेचे हैं। लोग इस संतरों को बहुत पसंद कर रहे है। माग अधिक होने के कारण व्यपारियों को भी उचित बाजार मिला है।
उद्यान विभाग सिंचाई की आधुनिक ड्रिप तकनीक इस्तेमाल कर रहा है
महरगाड़ के काश्तकारों के चेहरे पर जहां संतरे का उचित बाजार मिलने की खुशी है वहीं सूख रहे पेड़ों ने इनकी चिंता भी बढ़ा दी है। काश्तकारों के अनुसार सिंचाई की सुविधा न होने से दिक्कत है। संतरे की पैदावार तो अच्छी हो रही है लेकिन सिंचाई की सुविधा न होने से पेड़ दो या तीन साल तक फल देने के बाद सूख रहे हैं।उद्यान विभाग सिंचाई की आधुनिक ड्रिप तकनीक की व्यवस्था करता तो गुणवत्ता के साथ पैदावार और पेड़ों की उम्र भी बढ़ती।