
नई दिल्ली।सोलन हिमाचल प्रदेश में जारी लंबे सूखे ने किसान-बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और बर्फबारी न होने के कारण प्रदेश में फलदार पौधों की रोपाई का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। बागवानों ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय से पौधे तो खरीद लिए हैं, लेकिन मिट्टी में नमी न होने के कारण वे इन्हें बगीचों में नहीं लगा पा रहे हैं।
बागवान बारिश के इंतजार में
बागवान बारिश के इंतजार में अभी पौधों की खरीदारी से ही परहेज कर रहे हैं। नौणी विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस बार बागवानों का रुझान पारंपरिक सेब के बजाय गुठलीदार फलों की ओर अधिक दिख रहा है। विवि ने अपनी नर्सरियों में करीब 2 लाख पौधे बिक्री के लिए रखे थे, जिनमें से कीवी, जापानी फल और अन्य गुठलीदार फलों के 70 फीसदी पौधे बिक चुके हैं।
सेब की मांग में आई गिरावट
नौणी विवि ने बताया कि सूखे के कारण इस बार सेब के पौधों की बिक्री स्टोन फ्रूट्स के मुकाबले कम रही है। बागवान अब उन फलों की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जो कम नमी में भी खुद को ढाल सकें या जिनकी बाजार में मांग बढ़ रही है।