
नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बरौर में किसान पाठशाला आयजित की गई। बागवानी विशेषज्ञों ने किसानो को औषधीय व सुगंधित फूलों की खेती करने की जानकारी दी। बता दें किसान पाठशाला का आयोजन द-मिलियन फार्मर्स स्कूल योजना के तहत आयोजित की गई। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने जानकारी देते हुए कहा की औषधीय व सुगंधित फूलों की खेती करने से किसान तीन गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सकते हैं।
किसानों को कृषि में लागत से अधिक मुनाफा
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने कहा कि वह सामान्य फसल से हटकर उत्पादन करने का प्रयास करें। आज के समय में किसानों को कृषि में लागत से अधिक मुनाफा कमाना बहुत ही सहज हो गया है। इसके लिए सिर्फ तैयारी करनी है। बताया कि इसमें औषधीय व सब्जी की फसल प्रमुख है। सुगंधित पौधों में तुलसी, सिट्रानेला, लेमन ग्रास, पामा रोजा जिसका इत्र में प्रयोग होता है। जिला उद्यान अधिकारी बल्देव प्रसाद ने बताया कि किसान सब्जी की खेती करने के लिए डीघ में संचालित पौध नर्सरी में एक रुपये के हिसाब से पंजीकरण कर पौध तैयार करा सकते हैं। जिसमें उन्नति प्रजाति के पौधे प्राप्त होंगे।