
नई दिल्ली।मध्य प्रदेश खंडवा जिले के किसान अब परंपरागत फसलों से हटकर नगदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सोयाबीन, गेहूं और प्याज जैसी फसलों में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच अब किसान ऐसी खेती अपना रहे हैं, जिसमें कम समय में रोजाना आमदनी हो सके। ऐसी ही एक नई पहल पास्ता गुलाब की खेती है, जो खंडवा की धरती पर शानदार मुनाफा दे रही है। पास्ता गुलाब एक नई किस्म का फूल है, जिसकी खासियत है कि इसका पौधा फूलों से पूरी तरह लदा रहता है।देखने में गुलदस्ते जैसा दिखाई देता है।
खंडवा में पहली बार पास्ता गुलाब की खेती
खंडवा जिले के सुरुगांव जोशी के किसान राजू पटेल बताते हैं, वे डेढ़ साल से पास्ता गुलाब की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खंडवा में इस किस्म का गुलाब लगाने वाले पहले किसान हैं।आगे कहा, पहले वह परंपरागत खेती करते थे, लेकिन बढ़ती महंगाई और खर्चों के चलते उसमें नुकसान होने लगा।
500 पौधों से रोज हजारों की आमदनी
किसान राजू पटेल बताते हैं कि उन्होंने डेढ़ साल पहले 500 पौधे लगाए थे। उस समय एक पौधे की कीमत करीब 35 रुपये थी, लेकिन आज वही पौधा 200 से 250 रुपये तक बिक रहा है।एक पौधा एक बार में 50 से 100 फूल देता है। खंडवा के लोकल बाजार में एक फूल 30 पैसे प्रति नग तक बिक जाता है। 500 पौधों से रोजाना औसतन 4 हजार फूल निकल आते हैं। इस हिसाब से उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है।