हिमाचल में MIS में सेब बेचने वाले छोटे बागवानों को बड़ी राहत

    07-Jan-2026
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 नई दिल्ली।हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े किसान-बागवान संगठन संयुक्त किसान मंच की मांग पर प्रदेश सरकार ने छोटे बागवानों को बड़ी राहत दी है। मार्केट इंटरवेंशन स्कीम में सेब बेचने वाले ऐसे बागवान, जिन्होंने सौ बोरी से कम सेब बेचा था, उनसे अब राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी, जमाबंदी या अन्य भूमि दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। सरकार के निर्देशों के बाद हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम  ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है।

राजस्व दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि एमआईएस सीजन 2025 के दौरान निगम के खरीद केंद्रों पर सौ से कम सेब की बोरियां लाने वाले किसानों को केवल फ्रूट रसीद के आधार पर भुगतान किया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के राजस्व दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि, जिन बागवानों की ओर से सौ से अधिक सेब की बोरियां बेची गई हैं, उनसे पूर्व की तरह राजस्व रिकॉर्ड लिया जाएगा और भुगतान की शर्तें पहले जैसी ही लागू रहेंगी।

किसान-बागवान की जीत

संयोजक हरीश चौहान ने इस फैसले को किसान-बागवानों की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत बागवानों को राजस्व दस्तावेज जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिससे भुगतान में भी देरी होती थी। मंच ने यह मुद्दा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष उठाया था।