
सहारनपुर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के आलमपुर खुर्द के युवा किसान अश्वनी कुमार ने 2015 में एक पॉलीहाउस से बागवानी की शुरुआत की। आज वे लगभग 7 एकड़ भूमी पर जरबेरा और डच गुलाब की खेती खेती कर रहे है। किसान अश्वनी कुमार फसल चक्र प्रबंधन, सीजन के अनुसार एडवांस प्लानिंग, नेट तकनीक से फूलों की गुणवत्ता नियंत्रण और समय पर फर्टिगेशन-स्प्रे के जरिए वे प्रति एकड़ सालाना 9–10 लाख रुपये कमा रहे है।
फूलों की को मिल रही है बढ़ावा
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के किसान अश्वनी कुमार ने 2015 में एक पॉलीहाउस से शुरुआत की थी। आज लगभग 7 एकड़ में फूलों की उन्नत खेती फसल चक्र प्रबंधन से सालाना ₹20 लाख से अधिक की शुद्ध आय संभव गुलाब की कलियों पर नेट लगाकर फूल को रोकने की तकनीक कारगर हो रही है।
फूलों की खेती से हो रही है बेहतर कमाई
भारत में पारम्परिक खेती से हटकर किसान अब आधुनिक तकनीक (पॉलीहाउस, ड्रिप इरिगेशन) के जरिए फूलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर लाभ, साल भर उत्पादन और आत्मनिर्भरता मिल रही है। गुलाब, गेंदा, और रजनीगंधा जैसे फूलों की बढ़ती मांग, औषधीय उपयोग, और कम लागत में उच्च मुनाफे के कारण यह एक आकर्षक व्यवसाय बनता जा रहा है।