सहारनपुर।आज के बदलते समय में लोग उच्य शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी कृषि-बागवानी से बेहतर कमाई कर रहे है। सहारनपुर के खुर्रमपुर गांव के रहने वाले नितिन कुमार ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने बीएससी और एमबीए जैसी पढ़ाई करने के बाद नितिन ने नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी जमीन पर नई तरह की खेती शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने ब्लू कॉर्नफ्लावर जैसी औषधीय फसल को अपनाया और आज उसी से अच्छी कमाई कर रहे हैं।
औषधीय खेती की ओर बढ़ते कदम
ब्लू कॉर्नफ्लावर एक आयुर्वेदिक फसल है, जिसका उपयोग आयुर्वेद दवाइयों के निर्माण के साथ-साथ होम्योपैथिक दवाओं में किया जाता है। इसके अलावा हर्बल टी बनाने में भी इसका उपयोग होता है। इस फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा खाद या रासायनिक दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती।
6 महीने में तैयार, कम समय में ज्यादा मुनाफा
ब्लू कॉर्नफ्लावर अक्टूबर-नवंबर में बुआई के बाद मार्च तक यानी 6 महीने में तैयार हो जाती है। यानी करीब 6 महीने में यह फसल पूरी तरह तैयार हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक एकड़ जमीन से लगभग 5 क्विंटल तक उत्पादन हो सकता है।
अन्य किसानों के लिए मिशाल है नितिन
लोगों का मानना है कि नौकरी से बेहतर कमाई हो सकती है, लेकिन युवा प्रगतिशिल किसान नितिन कुमार ने यह साबित कर दिया है कि आज के बदलते समय में कृषि-बागवानी के बदौलत भी बेहतर कमाई की जा सकती है। नितिन के अनुसार कम लागत में भी ब्लू कॉर्नफ्लावर जैसी फसलें खेती बागवानी के लिए मौका बनकर सामने आ रही हैं। इससे बेहतर कमाई हो सकती है।