नई दिल्ली। गर्मी के दिन आते ही मार्केट बाजारों में मीठी और स्वादिष्ट लीची मिलने लगती है। अभी मार्केट में फल नहीं आ रहे हैं, लेकिन पेड़ों पर मंजर यानी फूल आने शुरू हो गए हैं। ऐसे समय में इन पेड़ों की विशेष देखभाल करनी पड़ती है क्योंकि इस महीने में लीची के बागान में स्टिंक बग कीट लगने का काफी खतरा होता है। आपको बता दें की ये कीट लीची के लिए बहुत खतरनाक होता है। जिससे फलों को भारी नुकसान होता है।
स्टिंक बग कीट लगने के लक्षण
लीची की फसल में लगने वाला स्टिंक बग कीट गुलाबी या भूरे रंग का और बदबूदार होता है। यह कीट झुंड में हमला करता है। इस कीट के नवजात और वयस्क दोनों ही पौधों के कोमल हिस्सों जैसे कि बढ़ती कलियों, पत्तियों, फूल और विकसित होते है।
स्टिंक बग कीट से बचाव के उपाय
लीची की फसल में लगने वाला स्टिंक बग कीट से ग्रस्त पत्तियों और टहनियों को काटकर जला देना चाहिए. इसके अलावा सुबह के समय पेड़ की शाखाओं को हल्के झटकों से हिलाएं, ताकि कीट नीचे गिर जाए। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र, मुजफ्फरपुर द्वारा बताए गए कीटनाशक का दो छिड़काव 15 दिनों के अंतराल पर करें। इसमें वियाक्लोप्रिड 21.7% एस.सी. (0.5 मिली./लीटर) लैम्डासायहॅलोथ्रिन 5% ई. सी. शामिल है।