शिमला। हिमाचल प्रदेश में वन भूमि पर सेब बागान का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। दिल्ली से लौटते ही प्रदेश की राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन भूमि से बागवानों की बेदखली को लेकर कार्रवाई करने और नोटिस भेजने पर कार्रवाई होगी। नेगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी बागवानों को नोटिस भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बागवानों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला
शिमला में पत्रकारों से बात करते हुए राजस्व एवं बागवानी मंत्री ने कहा कि वन भूमि पर जीवन निर्वाह करने वाले बागवानों पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई है और इससे वर्षों से वन भूमि पर निर्भर लोगों को राहत मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
सर्वोच्च न्यायालय के 16 दिसंबर, 2025 को दिए गए आदेश में कहा था की बागवानों पर कार्यवाई उनके आदेश का अवहेलना है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार को नीति निर्माण के निर्देश दिए थे और ये कार्रवाई उन आदेशों के विरुद्ध बताया था।