नई दिल्ली। केंद्र सरकार मार्च 9 से अप्रैल 2 तक होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में नया बीज बिल संसद में पेश कर सकती है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बिल का मसौदा तैयार कर लिया है और कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजने को तैयार है। मंजूरी मिलने के बाद यह बिल संसद में पेश किया जाएगा।
30 लाख रुपये तक जुर्माना और तीन साल तक जेल की सजा का प्रवधान
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में नया बीज बिल, 2025 का मसौदा पेश किया था और हितधारकों से सुझाव मांगे थे। नया बिल लागू होने पर 1966 का पुराना बीज कानून समाप्त हो जाएगा।बिल के अनुसार, सभी बीज किस्मों का पंजीकरण अनिवार्य होगा और नकली या बिना पंजीकृत बीज बेचने पर 30 लाख रुपये तक जुर्माना और तीन साल तक जेल की सजा हो सकती है।
अच्छे और भरोसेमंद बीज उपलब्ध होगी
सीड बिल 2025 की एक बड़ी खासियत बीज ट्रैसेबिलिटी सिस्टम है। इसका मतलब है कि किसान आसानी से जान सकेंगे कि बीज कहां से आया है, उसकी गुणवत्ता कैसी है और किस कंपनी ने उसे बनाया है। इससे बीज बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी के मामले कम होंगे। सरकार नए कानून के तहत निजी कंपनियों को जिम्मेदारी के साथ बीज उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।