सहजन की बागवानी से बदल रही है इस गांव की तस्वीर

    27-Feb-2026
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नई दिल्ली। आज के बदलते समय में किसान कृषि-बागवानी से बेहतर कमाई कर रहे हैं। बिहार के जहानाबाद जिले के वाणावर का तलहटी वाला क्षेत्र में बंजर भूमी होने के बावजूद किसान अनेक प्रकार की बागवानी कर रहे है। जिससे किसानों को बेहतर कमाई हो रही है। जिले के शिवनगर गांव जिला मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर है। पहाड़ की तलहटी में बसा यह गांव 100 घर की बस्ती वाला है, लेकिन फिर भी गांव के लोगों ने हर घर में सहजन का पौधा लगा रखा है। अभी सीजन भी सहजन की खेती का है। यहां पर यदि आते हैं तो हर घर में आपको सहजन के पौधे दिख जाएंगे। अभी सहजन के पौधों में फूल निकला हुआ है, कुछ ही दिनों में फल भी निकल जायेगा।

फल के साथ-साथ पत्ते भी बीक जाते है

इस गांव में लोग सहजन के फल के साथ-साथ इसके पत्ते का भी बिक्री करते है। बगल में मोरिंगा पत्तियों से बनने वाली दवाई का यूनिट है। जहां 20 रुपए प्रति किलो पत्तियां खरीदी जाती है। सहजन के फल की सप्लाई जहानाबाद सब्जी मंडी में रोजाना करते हैं। हर दिन का उत्पादन 1 से 2 क्विंटल तक रहता है। गांव के लोगों को इस सब्जी के उत्पादन हर साल 5 हजार से 10 हजार रुपए तक की कमाई होती है।

एक गांव में 500 सहजन का पेड़

इस गांव में लगभग 500 सहजन के पेड़ है। ग्रामिणों के अनुसार इस गांव में सहजन की बागवानी आसानी से हो सकती है। यहां रोज 200 क्विंटल सहजन की उत्पादन होता है। सहजन की खेती बड़े पैमाने पर होती है., यहां कम से कम 500 पेड़ है और इस सीजन में 2 क्विंटल तक हर दिन उत्पादन होता है।