नई दिल्ली। कहते है अगर मन में कुछ करने की ठान ली जाए तो असाधारण काम को भी साधारन बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के गांव इमरता की रहने वाली 60 वर्षीय प्रेमवती ने इसे सच कर दिखाया है। कभी परंपरागत खेती करने वाली प्रेमवती आज अपनी नर्सरी के दम पर सालाना 8 से 10 लाख रुपये का कारोबार कर रही हैं।उनकी सफलता अब दूसरे किसानों खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
नर्सरी में 70 हजार पौधे तैयार
प्रेमवती के अनुसार उन्होंने वर्ष 2011 में नर्सरी का काम शुरू किया था। उस समय उन्होंने पीलीभीत गजरौला से सिर्फ 1600 रुपये के बीज खरीदे थे, इन बीजों से उन्होंने करीब 2200 पौधे तैयार किया। शुरुआत छोटी थी लेकिन मेहनत और लगन के दम पर उनका काम धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। आज उनकी नर्सरी में करीब 70 हजार पौधे तैयार हैं और दूर-दूर से लोग पौधे खरीदने के लिए आते हैं।
परंपरागत खेती छोड़ फूलों की खेती शुरु की
प्रेमवती बहुत पहले परंपरागत फसलों की खेती करती था, लेकिन मुनाफा नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने फूलों औऱ औषधीय पौधे की खेती शुरु की। उन्होंने अपने 2 बीघा जमीन पर नर्सरी तैयार की है। कई सारी दिक्कत आने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहतन की दम पर उन्होंने नर्सरी स्थापित कर फूलों की खेती शुरु की।