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रांची।झारखंड के पलामू में किसान आधुनिक तकनीक से बागवानी कर रहे है। बता दें कि पॉली हाउस तकनीक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। मौसम की मार से बचाव, सालभर उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता की है। झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर-पीताम्बरपुर की रहने वाली गीता देवी इसका जीवंत उदाहरण है। जिन्होंने सरकारी योजना का लाभ लेकर न केवल अपनी आय बढ़ाई है बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा से कम नहीं है।
हो रही अच्छी कमाई
गीता देवी को सरकार की दीदी बगिया योजना के तहत नर्सरी के लिए पॉली हाउस उपलब्ध कराया गया। गीता देवी के पास पहले एक छोटा सा नर्सरी था। जिसमें वे मिर्च और टमाटर के पौधे तैयार करती थीं। सीमित संसाधनों के कारण आमदनी भी कम थी। लेकिन योजना के तहत बड़ा पॉली हाउस मिलने के बाद उन्होंने व्यवस्थित तरीके से पौध तैयार करना शुरू किया।
आम की पौधे करती है तैयार
बागवान ने आम के बागवानी के तहत उन्होंने पौधे तैयार किए। जैसे ही पौधे तैयार होकर बिक गए, वे तुरंत मिर्च, टमाटर और गोभी की नर्सरी लगाने लगीं। जब नर्सरी का काम कम होता है, तब पॉली हाउस में सीधे सब्जी की खेती कर लेती हैं। इस तरह सालभर खेती का चक्र चलता रहता है।
सही मदद-मार्गदर्शन से बेहतर कमाई
गीता देवी की पॉली हाउस तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, तो वे सीमित जमीन पर भी बेहतर उत्पादन कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। गीता देवी की सफलता की कहानी इस बात की साक्षात प्रमाण है कि वह आधुनिक खेती और सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती है।