नई दिल्ली।आम की बागवानी करने वाले बागवान आम के पेड़ों में सिर्फ नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का इस्तेमाल करते है, लेकिन अच्छे उत्पादन के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व भी जरूरी हैं। संतुलित पोषण से पेड़ मजबूत बनते हैं, मंजर स्वस्थ रहते हैं और फलधारण बेहतर होता है।
फरवरी में करें सिंचाई
फरवरी में जब पेड़ों पर मंजर आते हैं, तब हल्की और नियंत्रित सिंचाई करनी चाहिए। इस समय सही खाद प्रबंधन से मंजर मजबूत बनते हैं और फल बनने की प्रक्रिया अच्छी तरह शुरू होती है। फरवरी के महीने में गर्मी शुरू हो जाती है। इसलिए फरवरी के महीने में आम के पेड़ में सिंचाई करना बेहतर माना जाता है।
मंजर आने के साथ मधुआ कीट सक्रिय हो जाता है
मंजर आने के साथ ही मधुआ कीट सक्रिय हो जाता है। यह मंजर का रस चूस लेता है, जिससे फूल झड़ने लगते हैं और फल बनने की संभावना कम हो जाती है समय पर पहचान जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार इमीडाक्लोरोपिड 0.5 से 1 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह देते हैं। लेंसर गोल्ड का भी उपयोग किया जा सकता है। मंजर पूरी तरह खिलने से पहले दवा का प्रयोग करना अधिक प्रभावी रहता है।