नई दिल्ली।बिहार की शाही लीची, मिथिला मखाना, जर्दालु आम जैसे कृषि उत्पाद को जीआइ टैग मिला है। देश और दुनिया में इसकी पहचान पर लोग भरोषा कर रहे है। बिहार में बागवानी के क्षेत्र में निवेश करने के लिए आपार संभावना है। इसमें निवेश करने वालों को सरकार हरसंभव सहायता करेगी। यह बात शुक्रवार को बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कही। वे क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत पटना के एक होटल में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि क्लस्टर आधारित खेती से किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि होगी।
जिला स्तर पर कलस्टर निर्माण
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि कृषि विभाग उद्यान से जुड़ी ऐसी फसलों को बढ़ावा दे रहा है, जिनको बेचकर किसान ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकते है। इसके लिए जिला स्तर पर कलस्टर का निर्माण किया गया है।
कई क्लस्टर शुरु
बागवानी से जुड़े कई तरह के क्लस्टर बिहार में हैं। पटना, वैशाली, समस्तीपुर में सब्जी का बड़ा क्लस्टर है, तो कोसी और मिथिलांचल में मखाना का। रोहतास और कैमूर के इलाके स्ट्राबेरी–ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर हैं।