
नई दिल्ली। पौधे की विकास का राज्य उनकी मिट्टी से छिपा है। लोगों को लगता है बहुत ज्यादा खाद देने से पौधा का विकास होता है तो ऐसा नहीं है।बहुत से लोग सीधा मिट्टी और खाद में पौधा लगा देते हैं।जिससे गमले भारी हो जाते हैं और पानी रुकने से जड़ें सड़ जाती हैं। तो आज आपको बताने वाले है कैसे गमले में पौधे लगाने से पहले मिट्टी को तैयार किया जाता है।
गमले में मिट्टी डालने से पहले मिट्टी को सुखे ले
किसी भी सॉइल मिक्स का मुख्य आधार साधारण मिट्टी होती है। वहीं, गमलों का मिश्रण तैयार करने के लिए सबसे पहले बगीचे की मिट्टी लें। अगर मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त या चिकनी है, तो उसे धूप में फैलाकर थोड़ा सुखा लें और उसकी गुठलियों को तोड़कर बारीक कर लें। यह मिट्टी पौधों की जड़ों को मजबूती से पकड़ने में मदद करती है।
पौधों को फलने फूलने के लिए उर्वरक की जरुरत
पौधों को जल्द विकास करने के लिए नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसके लिए मिश्रण में 3 गमले वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं। खाद मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है। ध्यान रहे कि गोबर की खाद कम से कम एक साल पुरानी होनी चाहिए।
कोकोपीट मिलाए
गमले की मिट्टी जल्दी सूख जाती है, जिससे पौधा मुरझा जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए मिश्रण में 2 गमले कोकोपीट मिलाएं। कोकोपीट नारियल के छिलकों से बना बुरादा होता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख सकता है।