नई दिल्ली।आज के बदलते समय में किसान पारंपरिक फसलों की बजाय बागवानी, सब्जी, और मसाला फसलों की ओर बढ़े हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एक साल में बागवानी फसलों का रकबा 10.50 लाख हेक्टेयर बढ़ गया है। जबकि, उत्पादन में 160 लाख टन की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। फलों-सब्जियों से लेकर मसालों, फूलों और औषधीय पौधों तक लगभग हर फसल में क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ा है।
बागवानी की आकड़ा जारी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2024-25 के अंतिम और 2025-26 के प्रथम अग्रिम बागवानी अनुमान जारी किए हैं, जिनसे साफ संकेत मिलता है कि देश में फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों की खेती और उत्पादन पहले से काफी ज्यादा बढ़ गए हैं।
फलों-सब्जियों से खेती और पोषण दोनों मजबूत
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के अनुसार वर्ष 2024-25 में फलों का उत्पादन 2023-24 के 1129.78 लाख टन की तुलना में 4.13 प्रतिशत बढ़कर 1176.49 लाख टन देखा गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से केला, आम, मंदारिन, पपीता, अमरूद, तरबूज और कटहल के उत्पादन में तेजी के कारण दर्ज की गई है।