शिमला।हिमाचल प्रदेश के मौसम के मार का असर अब सेब की बागवानी पर भी पड़ रहा है। जिसके कारण सेब की बागवानी करने वाले बागवानों को भारी नुकसान हो सकता है। ज्यादा गर्मी और सूखे के कारण सेब के पेड़ में कैंकर रोग का खतरा बढ़ रहा है। लागातार सूखे पड़ने के कारण जमीन में पर्याप्त नमी न होने के कारण नए पौधे को भी भारी नुकसान हो रहा है। उपमंडल रामपुर के निचले क्षेत्रों छलावट, चिरला और मसारना समेत शलाटी घोड़ी में सूखे के कारण सेब के पेड़ों में कैंकर रोग तेजी से फैल रहा है। इससे तने और शाखाओं पर गहरे घाव हो रहे हैं।
ज्यादा दिनों से बारिश नहीं होने के कारण हुई समस्या
बहुत ज्यादा दिनों से बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है, जो इस सीजन की पैदावार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। बागवानों को अपने सेब के पेड़ों को कैंकर रोग से बचाना चुनौती बना हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण अब यह बीमारी बगीचों में लगने लगी है। जो पेड़ को अंदर से कमजोड़ कर देती है।
पौधे की देखरेख में बरती गई लापरवाही
आज के बदलते समय में मौसम में बदलाव के कारण हिमाचल प्रदेश के सेब के बागानों में कैंकर रोग का खतरा बढ़ गया है। प्रूनिंग के दौरान बरती गई लापरवाही और सही तरीके से प्रबंधन नहीं करने के कारण हिमाचल प्रदेश के सेब की बागवानी में कैंकर रोग लग रहा है।
चुना और पेस्ट लगाएं
रामपुर बुशहर के बागवानी विभाग के अनुसार संक्रमित तने और शाखाओं की खाल को छीलकर चुना और पेस्ट लगाने से इस रोग का खतरा कम हो सकता है।