
शिमला।हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के श्री आनंदपुर साहिब के गांव नंगल अवियाणा के किसान परमजीत सिंह ने बागवानी के क्षेत्र में अन्य किसानों के लिए मिसाल बन गए है। परमजीत सिंह ने 16 सालों से पारंपरिक खेती को छोड़कर नई फसलों की खेती करने का फैसला किया है। 16 साल पहले परमजीत सिंह धान गेंहू की खेती करते थे जिससे उन्हे आय नहीं हो पा रही थी। जिसके बाद उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की। शुरुआत में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन बाद में उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक लाभ मिलने लगा। यही कारण है कि आज परमजीत सिंह और उनका परिवार अपने खेतों में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव के कुछ लोगों और प्रवासी मजदूरों को भी उन्होंने रोजगार उपलब्ध करवाया है।
आठ एकड़ में करते है स्ट्रॉबेरी की खेती
वर्तमान में परमजीत सिंह ने आठ एकड़ भूमी में स्ट्रॉबेरी की खेती की है। इसके साथ ही वे मिर्च की खेती भी कर रहे हैं और दोनों फसलों से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। परमजीत सिंह से प्रेरित होकर कई अन्य किसान भी इस खेती को अपना चुके हैं। उनका कहना है कि आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है कि किसान पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकलें। नई फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकारी विभागों की ओर से सब्सिडी और ऋण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
बाजार में स्ट्रॉबेरी की मांग ज्यादा
बाजार में स्ट्रॉबेरी की मांग इतनी अधिक है कि उसकी पूर्ति करना भी मुश्किल हो जाता है। वे स्वयं नंगल, ऊना, होशियारपुर और जालंधर की मंडियों में स्ट्रॉबेरी की आपूर्ति करते हैं और यह फसल नकद भुगतान पर बेची जाती है। कहा कि वे स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ मिर्च, प्याज, लहसुन, खरबूजा और तरबूज की खेती भी कर रहे है।