
पटना।बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक महिला जीविका समूह के प्रयास से महिलाएं फूलों की खेती कर रही है। यह फूलों की खेती गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई है, इन पहलों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है बल्कि उन्हें आर्थिक तौर पर मजबुत बनाया है। हम बात कर रहे है सीतीमढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड़ की पिंकी देवी की एक साधारण महिला ने अपनी कड़ी मेहनत और सरकारी सहयोग से सफलता की एक नई इबारत लिखी है। पिंकी फूलों की खेती से बेहतर कमाई कर रही है।
जीविका से तैयार हुई है नर्सरी
सीतामढ़ी जिले में जीविका लाइब्रेरी और दीदी नर्सरी जैसे नवाचार भी चलाए जा रहे हैं, जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक विकास में भी योगदान दे रहे हैं। पिंकी देवी जैसी महिलाओं की सफलता यह स्पष्ट करती है कि बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब सुधर गई है।
सरकार से मिलती है सहायता
आज उनकी मेहनत ने रंग लाई है। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होते ही उन्होंने अपने पति को भी बाहर से बुला लिया। आज वे पींकी फूलों की खेती से सलाना 2 लाख से ज्यादा का कमाई करती है। फूलों की खेती करने के लिए उन्हें जीविका से ऋण भी मिल जाता है।