मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण लीची की बागवानी को नुकसान

    17-Mar-2026
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नई दिल्ली।मौसम में बदलाव का असर लीची की खेती पर साफ दिखाई दे रहा है। देश के कई बागानों में पेड़ों पर मंजर तो आ गए हैं, लेकिन उनकी संख्या सामान्य सालों की तुलना में कम है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यही मंजर आगे चलकर फल बनते हैं। अगर इस समय कोई समस्या आ जाए तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।

सिंचाई का रखें विशेष ध्यान

पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में बारिश नहीं हुई है, जिससे मिट्टी सूखने लगी है। ऐसे में जिन बागानों में नमी कम है, वहां किसान हल्की सिंचाई कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है।

मंजर में बीमारी का बढ़ रहा खतरा

इस समय लीची के मंजर पर इन्फ्लोरेसेंस ब्लाइट नाम की बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस रोग के कारण मंजर सूखने लगते हैं और उत्पादन कम हो सकता है।

लीची बाग से भी फसल को नुकसान

बागानों में लीची बग नामक कीट का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके नियंत्रण के लिए किसानों को अलान्टो कीटनाशक को पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही पेड़ों से गिरने वाले कीड़ों को इकट्ठा कर धूप में नष्ट करना जरूरी बताया गया है।