लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को लाभ प्रदान करने के लिए कई सारे योजनाओं पर काम कर रही है। इन योजनाओं की तकनीक से किसान अब आधुनिक लाभ कमा रहे है। ऐसे ही प्रेरणादायक कहानी है बाराबंकी जिले के युवा किसान नीरज पटेल की जिन्होंने फूलों की खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। उन्हें उत्तर प्रदेश की 'राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना' के अंतर्गत लाभ मिला है।
सरकार के सहयोग से बदला नीरज का जीवन
नीरज पटेल ने पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया। वैसे उनके घर में पारंपरिक खेती ही की जाती है। लेकिन उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा और एक दिन वह उद्यान विभाग के एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्हें जरबेरा फूलों की खेती के बारे में जानकारी मिली। यह जानकारी उनके जीवन को बेहतर बना दिया, उन्होंने आधुनिक तकनीक के साथ जरबेरा की खेती शुरू करने का फैसला किया।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन का मिला सहयोग
सरकार की महत्वकांक्षी नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन और संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस तकनीक से फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत नीरज पटेल ने अपने एक एकड़ खेत में पॉलीहाउस स्थापित किया। पॉलीहाउस लगाने में लगभग 70 से 75 लाख रुपये की लागत आई। सरकार की योजना के अंतर्गत उन्हें ऋण और अनुदान मिला जिससे यह खेती करना उनके लिए काफी आसान हो गया।