नई दिल्ली।आम को यूं ही फलों का राजा नहीं कहा जाता। इसकी मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब रहती है। यही वजह है कि किसान भी आम की खेती से अच्छी कमाई की उम्मीद रखते हैं। लेकिन अच्छी पैदावार सिर्फ किस्मत से नहीं मिलती, इसके लिए सही समय पर सही देखभाल करना भी बहुत जरूरी होता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च का महीना आम के पेड़ों के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसी समय पेड़ों पर बौर यानी फूल फल में बदलते हैं। अगर इस दौरान सिंचाई, खाद या देखभाल में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो फूल झड़ सकते हैं।
मार्च में सही से करें सिंचाई
जब मार्च में पेड़ों पर बौर निकल रहे हों, उस समय ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। कुल मिलाकर मार्च के महीने में बागानों में अधिक सिंचाई नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा सिंचाई करने से पेड़ों में नई पत्तियां निकलने लगती हैं। जिससे फूल कमजोर पड़ जाते हैं और झड़ने का खतरा बढ़ जाता है। मार्च में जब फल बढ़ने लगते हैं, तब नियमित लेकिन सीमित मात्रा में पानी देना जरूरी होता है।
संतुलित खाद से मजबूत होंगे फल
इस मौसम में पेड़ों को संतुलित पोषण देना भी बेहद जरूरी होता है। इसके लिए गोबर की सड़ी खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालना फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ ही बोरॉन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करने से फूल और फल मजबूत बनते हैं।
कीट और बीमारियों से रहें सतर्क
मार्च के महीनें में मौसम में हो रहे बदलाव और तापमान में बढ़ोतरी होने से आम के पेड़ों पर मधुआ, गुझिया और हॉपर जैसे कीट हमला कर सकते हैं, जो फूलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा झुलसा रोग भी आम की फसल के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।