वाराणसी।पूर्वांचल में इस बार रबी और बागबानी फसलों पर मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण देर से बोए गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है, जबकि समय पर बोई सरसों बेहतर उत्पादन दे रही है। वहीं, आम के बागों में अच्छी मात्रा में बौर आने से इस साल अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।
इस साल आम की बेहतर पैदावार की उम्मीद
कृषि वैज्ञानिक डॉ. कल्याण बर्मन के अनुसार पूर्वांचल में इस बार आम की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। इस समय बागों में अच्छी मात्रा में बौर आए हैं। आम की पैदावार सामान्यत एक साल कम और एक साल अधिक होती है। इस साल पेड़ों पर फूल अच्छी मात्रा में आए हैं, जिससे पैदावार बेहतर रहने की संभावना है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी कि इस समय आम के पेड़ों पर किसी भी प्रकार के कीटनाशक का छिड़काव न करें।
इस चीज का करें छिड़काव
किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि इसके बाद भी यदि अधिक मात्रा में फल गिर रहे हों तो नेफ्थिल एसिटिक एसिड का छिड़काव किया जा सकता है। इससे फलों के गिरने की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है