आम के बाग में फल गिरने से है परेशान तो करें यह उपाए

    18-Mar-2026
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नई दिल्ली। भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसकी खेती किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया है। जैसे ही गर्मी का मौसम शुरू होता है, आम के पेड़ों पर बौर आने लगते हैं और यही बौर आगे चलकर छोटे-छोटे फलों यानी टिकोले में बदल जाते हैं। यह समय किसानों के लिए सबसे अहम होता है, क्योंकि इसी दौरान फसल का भविष्य तय होता है।

मार्च-अप्रैल का समय क्यों है जरूरी

बरेली जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार के अनुसार मार्च से अप्रैल का समय आम की बागवानी के लिए बहुत संवेदनशील होता है। इसी दौरान बौर फल में बदलते हैं और पेड़ों को खास देखभाल की जरूरत होती है।

टिकोले झड़ने के कारण

आम के पेड़ों से टिकोले झड़ने की समस्या कई वजहों से होती है। मौसम का अचानक बदलना, तेज गर्मी, नमी की कमी और तेज हवाएं इसका बड़ा कारण बनती हैं। इसके अलावा पौधों को सही पोषण न मिलना और कीटों का हमला भी इस समस्या को बढ़ा देता है।

समय पर करें दवा का छिड़काव

जैसे ही पेड़ों पर टिकोले दिखने लगें, उसी समय सही दवा का छिड़काव करना बहुत जरूरी होता है। डॉ. पुनीत कुमार पाठक बताते हैं कि इमिडाक्लोप्रिड और प्लानोफिक्स का सही मात्रा में उपयोग करने से टिकोले झड़ने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। इमिडाक्लोप्रिड को लगभग 6 मिली दवा 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए।