
रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले के में किसानों को नई तकनीक और बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किसान मेले में उद्यान प्रदर्शनी के तहत कई कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इसी कड़ी में नैनी पेपर लिमिटेड ने भी एक विशेष स्टॉल लगाकर किसानों को कैसुरीना या कैजुराइना के पौधों के बारे में जानकारी दी। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह पेड़ यूकेलिप्टस की तुलना में कम पानी में तैयार हो जाता है, जो किसानों के लिए ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।
उद्यान प्रदर्शनी में अनेक स्टॉल लगेंगे
रुद्रपुर में किसानों को आधुनिक कृषि और वानिकी से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किसान मेले में उद्यान प्रदर्शनी के तहत विभिन्न संस्थानों और कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इसी प्रदर्शनी में नैनी पेपर लिमिटेड ने भी अपना स्टॉल लगाया है।जहां किसानों को कैसुरीना के पौधों और उसके फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
यूकेलिप्टस के पेड़ को तैयार होने में 5 से 6 साल तक लगता है समय
कैसुरीना के पेड़ की एक और खासियत ये है कि यह बहुत कम समय में तैयार हो जाता है। जहां यूकेलिप्टस के पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में 5 से 6 साल का समय लगता है तो वहीं कैसुरीना का पेड़ केवल 4 से 5 साल में तैयार हो जाता है।