मुंबई।रमजान का महीना हर साल फलों की बागवानी करने वालों के लिए आमदनी का समय होता है। इस महीने फल और सब्जियों की मांग बढ़ जाती है। आमतौर पर बागवान इस महीने में अपने फलों को बेचकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। लेकिन इस साल अंतरराष्ट्रीय युद्ध ने सबकुछ बदल दिया है। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने किसानों और आम जनता दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बागवानों को हो रही है नुकसान
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में केले उगाने वाले किसान इस समय बहुत ही कठिन स्थिति में हैं। किसान दिग्गविजय मोरे बताते हैं कि पहले उन्हें एक किलो केले का 20 से 25 रुपये में मिलता था। लेकिन अब, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकटों के कारण, उन्हें प्रति किलोग्राम केवल 5 से 9 रुपये मिल रहे हैं। यह सीधे किसानों की मेहनत पर चोट है। उन्होंने 6 एकड़ में खेती की थी और 10 लाख रुपये खर्च किए थे।
फंसे हुए कंटेनर
सोलापुर के किसानों का लगभग 1300 केले का कंटेनर फंसा हुआ है। उनका उत्पादन बर्बाद होने की कगार पर है। यह सीधे किसानों के साथ अन्याय है। सिर्फ किसान ही नहीं, आम लोग भी महंगे फलों की वजह से परेशान हैं। सामान्य बाजार में 1 किलो केला 80 से 85 रुपये में बिक रहा है। ऑनलाइन बाजार में 6 केले की कीमत 70 से 80 रुपये है। यानी 12 केले की कीमत लगभग 140 से 160 रुपये हो जाती है।