चंडीगढ़।गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को पर्यावरण को बचाने और आने वाली पीढियों के लिए एक टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के समापन दिवस पर प्राकृतिक खेती पर एक विशेष व्याख्यान दे रहे थे। आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती का विषय केवल कृषि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की सराहना
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 'प्राकृतिक खेती मिशन' को बढ़ावा देने में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसका राज्य के लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गुजरात में लगभग 8,00,000 किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है, और इस दिशा में सरकार और विपक्ष, दोनों ही सकारात्मक रूप से सहयोग कर रहे हैं।
सीएम ने भी प्रकृतिक खेती की अपील की
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री सैनी ने सभी जनप्रतिनिधियों से प्राकृतिक खेती को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का आग्रह किया, और इस बात पर ज़ोर दिया कि कुछ मुद्दों को दलीय राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। सैनी ने कहा कि सभी हितधारकों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे न केवल अपने जीवन में प्राकृतिक खेती अपनाएं, बल्कि किसानों को इसके लाभों के बारे में प्रोत्साहित और शिक्षित भी करें।