नई दिल्ली।ईरान-इजरायल के बीच चल रही जंग के कारण आंध प्रदेश और कर्नाटक में आम कारोबार पर असर पड़ा है। बात अगर आंध प्रदेश की करें तो चित्तूर जिले के किसान और व्यापारी इस युद्ध से ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों करोड़ रुपये के आम पल्प कई पश्चिम एशियाई बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। आम निर्यातकों का कहना है कि जिले से भेज गए करीब 300 करोड़ रुपये के आम पल्प कंसाइनमेंट दुबई, मस्कट और अन्य गल्फ बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। इसके अलावा लगभग 1,000 करोड़ रुपये के नए कंसाइनमेंट भी एक्सपोर्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी स्थिति अनिश्चित है। ऐसे में व्यापारियों को नुकसान का भय सता रहा है।
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिलें में सबसे ज्यादा आम की बागवानी
आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिलें में आम उत्पादन क्षेत्र माना जाता है।यहां से कई देशों में आम पल्प का निर्यात किया जाता है, लेकिन जंग के चलते पल्प व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। चित्तूर जिले में 87,000 हेक्टेयर में तोतापुरी आम की बगवानी होती है।यहां लगभग 47 आम प्रोसेसिंग यूनिटें हैं, जो आम से पल्प तैयार करके उसे दुनियाभर के फूड और बेवरेज बाजारों में भेजती हैं।
1,300 करोड़ रुपये का निर्यात प्रभावित
चित्तूर, तिरुपति और अन्नामय्या जिलों में फैली पल्प इंडस्ट्री साल में दो बार पारंपरिक रूप से निर्यात करती है। फरवरी से अप्रैल और अक्टूबर से दिसंबर तक आम पल्प निर्यात किए जाते हैं. लेकिन ईरान-इजरायल जंग के चलते कारोबार प्राभिवत हो रहा है।