
बलिया।उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में विलुप्त हो रही गुलाब की पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने के लिए किसानों ने पहल की है। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही से मुलाकात कर गुलाब की खेती को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन और सरकारी सहयोग की मांग की।यह मुलाकात देवरिया स्थित कृषि मंत्री के आवास पर हुई। किसानों ने मंत्री को बताया कि एक समय सिकंदरपुर सहित पूरे बलिया जनपद में गुलाब की खेती और उससे बनने वाले उत्पाद जैसे गुलाब जल, इत्र, सिगरी और अर्क की विशेष पहचान थी।
गुलाब की खेती से बेहतर कमाई
किसानों ने जानकारी दी कि वे स्वयं छोटे स्तर पर गुलाब की खेती कर उत्पाद तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर खेती के विस्तार के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्री ने किसानों की प्रयास की सराहना की
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किसानों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि गुलाब की खेती एक बार फिर क्षेत्र की पहचान बन सके।