
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सिंधौली विकासखंड क्षेत्र में कॉर्न फ्लावर की खेती किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन गई है। महाऊ दुर्ग और उमरिया गांवों में किसान पारंपरिक खेती से हटकर इस नई फसल को अपना रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। हाल ही में हुई बारिश और तेज हवाओं के बावजूद इस फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ, बल्कि फूल और बेहतर तरीके से खिले हैं।
दो बीघा खेत में कॉर्न फ्लावर की खेती
ग्राम महाऊ दुर्ग के किसान रामकिशोर ने लगभग दो बीघा खेत में कॉर्न फ्लावर की खेती की है। उनके अनुसार, दो बीघा खेत में फूल तोड़ने के लिए लगभग 24 मजदूरों की आवश्यकता होती है, जिससे प्रतिदिन 24 से 25 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसी तरह, एक बीघा खेत में भी कम से कम 12 मजदूरों की जरूरत पड़ती है।
इसका मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम
कॉर्न फ्लावर को सुखाकर बाजार में बेचा जाता है, जहां इसका मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलता है। रामकिशोर ने बताया कि उनके पास लगभग 50 से 55 किलोग्राम सूखा फूल तैयार है, जिसे वे कन्नौज में बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए एक एजेंट से बातचीत चल रही है और सौदा तय होते ही वे माल लेकर जाएंगे।