शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहडू क्षेत्र के सेब के पेड़ों पर फूल निकलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में करीब 30 प्रतिशत तक फूल खिल चुके हैं, जिससे यह समय बागवानों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बन गया है। इस चरण में सही देखभाल की गई और रोग नियंत्रण उपाय अपनाए जाएं, तो बेहतर उत्पादन की संभावना है।
फूल आने के समय लगते है कीट
सेब की बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार फूल आने के समय सेब के पेड़ फफूंदजनित रोगों और कीटों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। विशेष रूप से मार्सोनिना, अल्टरनेरिया और माइट का प्रकोप तेजी से बढ़ सकता है। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह फूलों और बाद में फल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
जाने बागवानी विभाग की राय
जिले के बागवानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बागवानों को नियमित रूप से अपने बगीचों का देखरेख करें और रोग या कीट के शुरुआती लक्षण दिखते ही दवाइयों का छिड़काव करें। बागवानी विशेषज्ञ के अनुसार दवाइयों का छिड़काव सुबह और शाम के समय किया जाए ताकि इसका अधिकतम प्रभाव हो और फूलों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही, मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही स्प्रे किया जाना चाहिए।