हमीरपुर।कहते है ना कुछ करने की जज्बा हो तो कठीन काम को भी आसान बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के गांव बिवांर के बागवान रामरतन प्रजापति ने अपने काम से यह साबित भी किया है की कृषि-बागवानी से भी कुछ भी आसान बनाया जा सकता है। बागवान रामरतन प्रजापति ने 1996 में मौसमी फल की बागवानी कर बेहतर कमाई कर रहे है। उनकी पहचान पुरे क्षेत्र में एक जागरूक किसान के रूप में बनी हुई है।
एक पेड़ के 50 से 150 किलो तक मौसमी उत्पादन
बागवान रामरतन प्रजापति वर्ष 1996 के पहले से ही खेती करते थे। इसके बाद कुछ नया करने का मन बनाया तो मौसमी की खेती शुरू की। दो हेक्टेयर में 200 पौधे लगाया। मौसमी के पौधों की दिन-रात परवरिश की तो वह पेड़ बनकर फल देने लगे। आज भी पेड़ के बीच में गेहूं, मटर की खेती करते हैं। एक बीघा में मौसमी के 40 पेड़ लगाए जाते हैं। एक पेड़ से 50 से 150 किलो तक मौसमी फल की पैदावार होती है।
कई पुरस्कार मिल चुका है
वर्ष 1996 में जब रामरतन ने मौसमी की खेती शुरू की तो वह कृषि विभाग, उद्यान विभाग की नजरों में आ गए। उन्होंने उद्यान विभाग की योजनाओं का भी लाभ लिया। वह कहते हैं कि मौसमी फल की खेती के लिए सबसे पहले उन्हें जिला स्तर पर सम्मान व पुरस्कार मिला। इसके बाद मंडल स्तर पर दो बार, बांदा विश्वविद्यालय, कानपुर समेत अन्य शहरों से भी उन्हें पुरस्कार मिला है।