बारिश और ओलावृष्टि के बाद बागवानों को भारी नुकसान

    25-Mar-2026
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नई दिल्ली। देश में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने आम के बागानों का हुलिया बिगाड़ कर रख दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने आम के बागों को तहस-नहस कर दिया है। इस संकट पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा बिहार के पौध सुरक्षा विभाग के हेड डॉ. एस. के. सिंह ने आगाह किया है कि आम अभी 'मंजर' और 'टिकोले' की बेहद नाजुक स्थिति में है। डॉ. सिंह के मुताबिक, ओलों की चोट और बढ़ी नमी से परागण फेल हो सकता है।

प्रबंध नहीं हुआ तो 80 फीसदी का नुकसान

अगर तुरंत सही प्रबंधन नहीं हुआ, तो बागवानों को 80 फीसदी तक नुकसान हो सकता है। इस तबाही को रोकने के लिए डॉ. सिंह ने 30 दिनों का 'इमरजेंसी स्प्रे शेड्यूल' सुझाया है। उनका कहना है कि अगर किसान संतुलित पोषण और स्वच्छता के साथ समय पर वैज्ञानिक निर्णय लेते हैं, तो वे इस आपदा के बावजूद 30 से 60 फीसदी तक अपनी फसल बचाकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

फलों के मजबूती के लिए अपनाएं टिप्स

डॉ. एस. के. सिंह का मानना है कि बारिश के कारण मधुमक्खियों की गतिविधि कम हो जाती है, जिससे परागण प्रभावित होता है और फूल झड़ने लगते हैं। डॉ. सिंह के मुताबिक, इस 'स्ट्रेस' से पेड़ों को उबारने के लिए पोषण की सख्त जरूरत होती है। बारिश के बाद चौथे से पांचवें दिन पोटेशियम नाइट्रेट 13:0:45 का 0.5% और बोरॉन का 0.1% का घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए।