काजू अनुसंधान निदेशालय ने तैयार की काजू की खास वैरायटी

    27-Mar-2026
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नई दिल्ली।देश के किसान बागवानी से बेहतर कमाई करने के लिए विदेशी फलों की बागवानी कर रहे है। ऐसे में अब कृषि वैज्ञानिक भी खेती में अधिक कमाई वाली फसलों की नई किस्मों को तैयार कर रहे हैं, जो कम पानी, गर्मी पाला या अन्य चुनौतियों में भी अच्छा उत्पादन दे सकें। इसी दिशा में ICAR-काजू अनुसंधान निदेशालय, पुत्तूर ने काजू की एक नई और उन्नत किस्म को विकसित किया है। इस किस्म का नाम NRC 175 है।

काजू की नई किस्म NRC 175 की खासियत

CAR द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नेत्रा उभया NRC 175 काजू समय पर बुवाई और सिंचित परिस्थितियों के लिए उपयुक्त किस्म है। वैसे तो काजू बुवाई के करीब 3 से 4 साल बाद फल देना शुरू कर देते हैं। लेकिन ये किस्म 2-3 साल में फल देता है। इस किस्म से प्रति पेड़ औसतन 20 किलो तक पैदावार ले सकते हैं।

काजू की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

काजू की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी लाल लैटेराइट रेतीली दोमट और तटीय रेतीली मिट्टी मानी जाती है। मिट्टी में जल निकासी बहुत अच्छी होनी चाहिए क्योंकि जड़ों में पानी रुकना नहीं चाहिए। मिट्टी का pH मान 5.0 से 8.0 के बीच होना चाहिए।