
किन्नौर।हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के समशीतोष्ण फल उत्पादन में वैज्ञानिक बागवानी प्रबंधन और प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। नाको पंचायत के मलिंग गांव में पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किसानों-बागवानों को बागवानी की नई वैज्ञानिक तकनीक सिखाई गई है।
बाग लगाने के लिए प्रेरित किया गया
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र शारबो के सह निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार और जूनियर तकनीशियन गोविंद सिंह ने किया। प्रशिक्षण की शुरुआत सेब की वैज्ञानिक खेती की मूलभूत जानकारी से की गई। किसानों को पारंपरिक अव्यवस्थित रोपण पद्धति के स्थान पर वैज्ञानिक ढंग से बाग लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
छंटाई करने से पौधे बेहतर फल देते है
इस अवसर पर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छत्र प्रबंधन पर जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सही तरीके से प्रशिक्षित एवं छंटाई किए गए पौधे बेहतर गुणवत्ता के फल देते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फल का आकार भले ही छोटा हो, लेकिन उनकी गुणवत्ता जैसे रंग, कठोरता, मिठास, मोटी बेहतर होता है।