शिमला।हिमाचल प्रदेश में सेब की बागवानी हिमाचल प्रदेश की आर्थिक आधार है। प्रदेश के कई जिलों जैसे शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी में बड़े स्तर पर सेब की बागवानी की जाती है। प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत बागबान किसी न किसी रूप में सेब की खेती से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सेब से तैयार उत्पादों को बढ़ावा देना आज समय की जरूरत बन गया है। जिला सोलन में बंधन ग्रुप द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सेब की चटनी तैयार किया गया है।
सेब से तैयार हो रही है चटनी
गौरतलब है कि सेब से बनी चटनी की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है, जो इसे खास बनाती है। सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखने पर यह चटनी कई महीनों से लेकर सालों तक खराब नहीं होती। इसमें प्राकृतिक सामग्री और संतुलित मसालों का उपयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद लंबे समय तक बरकरार रहता है।
पर्यटकों को खुब भा रहा है सेब से बने उत्पाद
हिमाचल प्रदेश में दूर-दूर से पहुंच रहे पर्यटकों के अनुसार प्राकृतिक रूप से बने उत्पाद उन्हें बेहद आकर्षित करते हैं। खासकर सेब से बनी चटनी का स्वाद उन्हें बहुत पसंद आ रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें स्थानीय मसालों और हल्की तीखापन का बेहतरीन संतुलन है, जो इसे खास बनाता है।