
नई दिल्ली।बड़े-बड़े महानगरों में गाडियों के जहरीले धुएं के कारण प्रदूषण से लोगों की हालत खराब है। इस समय हमारी रक्षा फूल और पेड़ पौधे कर सकते है। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के ताजा रिपोर्ट में यह बताया गया है कि गुलाब प्रदूषण से लड़ने में 'नेचुरल वॉरियर' की भूमिका निभा सकता हैं। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों डॉ. रिचा राय और सोमित बोहरा ने सीएसआईआर-फ्लोरीकल्चर मिशनके तहत तीन प्रमुख फूलों-गुलाब, चमेली और रजनीगंधा पर गहन शोध किया है।
बालकनी के लिए
अगर आपका घर फ्लाईओवर या मुख्य सड़क के पास हैं, तो गुलाब और चमेली के पौधे लगाना सबसे बेहतर है। ये पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन देंगे, बल्कि पीएम कणों को सोखने में भी मदद करेंगे।
क्या हुआ जांच
चमेली - गैस एक्सचेज और पानी के सही इस्तेमाल में चमेली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह खराब हवा में भी खुद को बखूबी ढाल लेती है।
गुलाब- वैज्ञानिको ने पाया कि गुलाब प्रदूषण के भारी तनाव के बावजूद अपनी फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया को जारी रखने में सक्षम है। यानी यह जहरीली हवा में भी दम नहीं तोड़ता।
रजनीगंधा- स्टडी में रजनीगंधा प्रदूषण के सामने संवेदनशील साबित हुआ। इसके सास लेने वाले छिद्र बंद होने के कारण यह प्रदूषण झेलने में नाकाम रहा।