प्रशिक्षण शिविर में सेब की बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को दिए टिप्स

    29-Mar-2026
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र शारबो के प्रमुख डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन से कुन्नो-चारंग में बागवानी प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। फल वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने बागवानों को वैज्ञानिक तकनीकों के व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से बारीकियां सिखाईं। जूनियर तकनीशियन गोविंद सिंह ने भी सहयोग प्रदान किया।

प्रबंधन की जानकारी दी गई

प्रशिक्षण के दौरान बागवानों को सेब बागवानी के वैज्ञानिक पहलुओं जैसे कैनोपी प्रबंधन, पोषण प्रबंधन और पौधरोपण से लेकर पूर्ण फलन अवस्था तक के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं छंटाई के अभाव में प्रारंभिक वर्षों में पौधों की वृद्धि अत्यधिक शाकीय बनी रहती है, जिससे फलधारी स्पर विकसित होने के बजाय अधिक संरचनात्मक लकड़ी बनती है और उत्पादन प्रभावित होता है।

किसान पारंपरिक रेड डिलीशियस किस्म उगा रहे हैं

 इसके अतिरिक्त क्षेत्र में वर्तमान में अधिकतर किसान पारंपरिक रेड डिलीशियस किस्म उगा रहे हैं, जिससे छोटे आकार के फलों का उत्पादन अधिक हो रहा है। हालांकि बेहतर प्रकाश प्रबंधन के कारण गुणवत्ता अच्छी है, लेकिन वैज्ञानिक जानकारी के अभाव में उत्पादन क्षमता सीमित है। बागवानों को उन्नत किस्मों जैसे रॉयल डिलीशियस, रेड चीफ, ओरेगन स्पर, सुपर चीफ, रेड विलॉक्स और गाला समूह के बारे में जानकारी दी गई।